Rangrez

रंगरेज

********
वह अपने,
हसीन रंग पर इतराता रहा,
चेहरा धुलने से घबराता रहा,
खुद का सामना करना,
बड़ा मुश्किल है,
दूसरों को आइना दिखाता रहा,
वह डरता है,
पानी की आदत से,
जो धीरे-धीरे,
सारे निशान मिटा देता है,
किसी के कुछ भी होने की।
वह तो बहता,
सभी रंग खुद में भरता है,
वो उस रंगरेज के,
इशारों पर चलता है,
जो जहाँ,जैसा चाहे,
अपने रंग भरता है।
©️rajhansraju
*****************************

होली

*******

   नए रंग कि तलाश करता रहा, 
न जाने कहाँ भटकता रहा।
जिंदगी ने तो हर जगह,
खुशियों कि थैली रखी थी,
मै कुछ और ढूँढता रहा,
सब कुछ धुँधला, 

नज़र आने लगा।
फिर रंगों ने तरकीब निकली,
हर थैली,

 हर चेहरा, 
एक जैसा कर दिया,
मुस्कान आ गयी, 

हाथ लग गयी,
खुशियां बेवजह, 

आज, भर गयी। 
जेब तो खाली थी कब से,
मेरे हँसते ही कुछ भर गयी।
ख़त्म हुआ नहीं कुछ भी,
पर !
इन रंगों से कुछ बात बन गयी।

©️rajhansraju
********************************

जरा गौर करना

**************

चुप रहने कि कोशिश नाकाम रहती है,
क्या करे वो जो देखता है,
सुनता है, महसूस करता है,
वह नारा बनता भी है,
लगाता भी है,
और परेशान रहता है
अपनी पहचान के खातिर,
फिर देखता है,
अपने जैसे तमाम चेहरे,
जो भीड़ में निकले हैं,
क्या सिर्फ खो जाने को ?
वो देखो? कौन है?
उस जगह पर,
कुछ बाँध रहा है?
या समेट रहा है खुद को,
सबके बीच में,
सबसे जुदा नजर आता है वो,
ए सच,
सिर्फ तुझको मालूम है,
कौन है वो?
हाँ ! जरा गौर कर,
तूँ जिससे कुछ कह रहा,
और जो तूँ सुन रहा है,
देख तेरे आसपास,
तेरे सिवा,
कोई नहीं है..
rajhansraju
*********************

गुलाल

 ********

गुनगुनी धूप, 
सतरंगी चादर ओढ़ कर, 
बसंती हो गई, 
उसने रंग भरी थैली से, 
खुशियों का रंग, 
इस तरफ बिखेर दिया, 
हर चेहरा हसीन हो गया, 
वह अपने हाथ में, 
गुलाल लेकर, 
खुशियाँ बांटने, 
चल दिया... 
©️rajhansraj
**********************
कुछ नींद और सपनों की बात करते हैं 
****************
🌹🌹🌹❤️❤️❤️❤️🙏🙏🙏🌹❤️❤️🌹🌹

      








**********************************************************







*********************************
my You Tube channels 
**********************
👇👇👇



**************************
my Bloggs
************************
👇👇👇👇👇



***************************
to visit other pages
  (1) (2)  (4) (5) (6)  (8) (10)
🌹❤️🙏🙏🌹🌹
*************


*************





**********************
⬅️(28) Ishq
*************
🙏🙏🙏🙏🙏
*******
(27)
*****
to visit other pages
  (1) (2)  (4) (5) (6)  (8) (10)
🌹❤️🙏🙏🌹🌹
🌹🌹🌹❤️❤️❤️❤️🙏🙏

Comments

Post a Comment

स्मृतियाँँ

Gardish

sharaabi

Dhurandhar

UGC Guideline

Darakht

The Door

Thakan

Zameen

Ravan

Drishti