Satta Sangharsh
सत्ता संघर्ष सत्ता के लिए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नए हथियार निरंतर आजमाते रहते हैं कि कैसे, किससे अपने विरोधी को मात दिया जाए और जब विरोध करने की सीधे सामर्थ्य नहीं होती, तब मुखैटे लगा लिए जाते हैं और बात होती है पर्यावरण, बच्चे, महिला, बेरोजगारी, शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य .. मतलब ए ऐसे मुद्दे हैं कि दुनिया के किसी भी देश/सरकार को इस पर आसानी से घेरा जा सकता है क्योंकि इसके अंतिम बिंदु तक पहुंचा ही नहीं जा सकता है। इस पर आप हमेशा आंदोलन कर सकते हैं और अपने लिए सहानुभूति बड़ी आसानी से पैदा कर सकते हैं और इतिहास बोध से दूर लोगों को तो आप तुरंत अपना फैन बना सकते हैं, जिन्हें पचीस-पचास साल के अंदर देश में कैसे, क्या हुआ यह जानने की न तो इच्छा और न ही सामर्थ्य है उनसे भला देश के इतिहास और दर्शन जानने की उम्मीद करना, उनके साथ अन्याय होगा, जो रील को अपनी जानकारी का प्रामाणिक स्रोत मानते हैं .. खैर हैं तो अपने ही लोग, मुखौटा हटते ही असली चेहरा भी सामने आ जाएगा, बस समय ज्यादा लगता है। क्योंकि सामान्य लोग भावुक होकर मुखौटे को असली चेहरा समझ लेते हैं...