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Vulture

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गिद्ध    गिद्ध कई दिनों से परेशान था उसकी भी जिंदगी का सवाल था वह गोश्त खाता है कैसा किसका इससे उसको कोई मतलब नहीं है ना तो कोई फर्क पड़ता है उसका पेट भरना चाहिए अगर गिद्ध यह विचार करने लग जाए गोश्त कैसा है क्या वह कभी खा पाएगा उसका गिद्धपन रह जाएगा गिद्ध के बने रहने की पहली शर्त यही है वह गोश्त खाता रहे कहीं दूर बैठकर यही सोचता रहता है अच्छा गोश्त कहां कैसे मिले हमने कहानी सुनी है कुछ लोगों को अनिष्ट होने पर ही रस मिलता है क्योंकि उनकी रोजी-रोटी उसी से चलती है शमशान में जब भीड़ बढ़ जाती है कुछ चेहरे खिल जाते हैं वहां भी व्यापार होता है लकड़ियों का चिता जलाने का गिद्धों के लिए भी जरूरी है उन्हें कुछ मिलता रहे जो उनको भाता हो जिसे वह चबा चबाकर खाता हो फिर गिद्ध के पीछे गिद्ध धूमधाम से लग जाते हैं गिद्ध गान शुरू हो जाता है पूरा झुंड एक साथ है एक जैसी आवाज में सब सुर मिलाते हैं देखो यहां पर गोश्त है एक दूसरे को बताते हैं गिद्ध को नोचने में बहुत मजा आता है गिद्ध की चोंच बहुत तेज है जिसमें धार कहीं और से आता है हालांकि उनकी संख्या निरंतर कम होती जा रही है मगर जितने हैं गिद्ध होने के...

sanatana dharma

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टूलकिट  ******** चुनाव की तैयारी शुरू हो गई  नया टूल किट आ गया है  अब उसी की चर्चा है  कोई यूरोप, कोई अमेरिका में है  और वहीं से तैयारी कर रहा है  पहले से खतरनाक वाले,  नरेटिव गढ़ रहा है  पड़ोसी ने भी कमर कस ली है  उसकी funding बढ़ गयी है  अभी तक जो दशकों से सत्ता में थे  एक दशक में ही टूट गए हैं  उनके लोग  जो सभी पदों पर थे  धीरे-धीरे कहीं के  नहीं रह गए हैं  यही बात  सबसे ज्यादा खटक रही है  क्योंकि सारी इनकम  बंद हो गई है  किसी की गर्दन फंसी है  तो किसी की दुम दबी है  ED CBI पीछे पड़ी है।  सच्चे हो तो डर कहे का?  कैसे, कितना, कहां सा आया?  बस इतना ही तो बतलाना है  🌹🌹🌹🌹 🌹🌹🌹🌹 to visit other pages     (1)   (2)     (4)   (5)   (6)     (8)   (10) (11)   (12)   (13)     (15) (16)   (20)   (25)   (33)   (38)   (44)   (50) (60)   (65)   (70) (72) ...