Rakshababdhan
रक्षाबंधन (1) सड़क पर दिन रात अवारगी करने वालों के हाथ में भी राखी बंधी है, उसके माथे पर घाव का ताजा निशान है किसी ने उसकी बहन को बस कुछ कह दिया था भला भाई को कैसे बर्दाश्त होता वह लफंगा है नाकाम है इस बात में कोई संदेह नहीं है इन सबके बाद भी अपनी मां बहन बेटी के लिए दुनिया से लड़ने को तैयार है पर दुनिया ऐसी क्यों है? जो तुझे यूंँ लड़ना पड़े खुद को गौर से देख तूंँ ही तो जिम्मेदार है ©️ Rajhans Raju 🌹🌹🌹🌹🌹 (2) चलिए कुछ बात करते हैं खुद से शुरुआत करते हैं शिक्षा पर बड़ी चर्चा है पर हकीकत क्या है? छात्र, अभिभावक और शिक्षक यही तीन इसके आयाम है बिल्डिंग कैसी है कहां है अच्छी है बुरी है यह सारी बात जायज है इस पर बात करने में हर्ज नहीं है पर मूल में यह समस्या इतनी बड़ी नहीं है क्योंकि पढ़ेंगे तो छात्र पढ़ाएगा अध्यापक ही जिसमें अभिभावक दोनों के बीच की कड़ी है तीनों की भूमिका समाज में कैसी है नैतिक मूल्य क्य...