Gadha
गधा एक छोटा गधा घोड़े के साथ दौड़ना चाहता था बड़ी मासूमियत से, जीतने के सपने देखता घर वालों को उम्मीद थी उनका सीधा साधा गधा एक दिन यह खुद समझ जाएगा घोड़ों की रेस में शामिल होना उसका काम नहीं है गधा होने में कोई हर्ज नहीं है उसके अपने तरीके अपनी गति है घोड़े जहां पहुंचते हैं वहां वह भी पहुंचता है बस थोड़ी देर से बिना शोर के वह गधा है अब उसे इससे कोई दिक्कत नहीं है अपनी गति से चल रहा है उसे घोड़ा बनने की जरूरत नहीं है @Rajhans Raju भला गधे को कौन बताए वह मासूम गघा है घोड़े संग रेस लगाए यह उसका काम नहीं है उसकी अपनी खूबी है जहां घोड़े पहुंँच चुके हैं तूं भी पहुंचेगा तनिक सी देरी है चलता रह तूंँ चाल अपनी याद रख तूं गधा है ©️ Rajhans Raju यह कविता **राजहंस राजू** द्वारा लिखित है, जो एक बेहद खूबसूरत, सरल और गहरी सीख देने वाली रचना है। ऊपरी तौर पर यह एक गधे और घोड़े की कहानी लगती है, लेकिन अस...