रहने दो


अब जो लोग बातें कर रहे,
या कुछ और कर रहे हैं,
उनमें ज्यादातर,
अंदर से एकदम खाली हैं।
उनके पास देने के लिए,
कुछ भी नहीं है।
ऐसे में नफरत और गाली,
के जवाब में,
वही वापस लौट आती हैं,
सब गंदा नजर आने लगता है।
चलो कुछ बात करते हैं,
अरे! तुम खाली हो,
ए बताने की जरूरत क्या है?
तुम्हें कुछ ठीक करने की,
जरूरत भी नहीं है।
बस चुप हो जाओ,
ए गंदगी,
अपने आप,
कम हो जाएगी।
rajhansraju

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