जय सियाराम


राम सबके,
क्यों कि राम हम सब में हैं,
राम को भी यही पता था,
यहाँ सिर्फ इंसान हैं।
पर!!
एक दिन अदालत का सम्मन आया,
तब उनको मालूम हुआ,
जिसका पूरा जहाँ है,
उसके लिए भी,
जमीन का विवाद है।
खैर! अच्छा हुआ,
उनको भी पता चला,
मंदिर-मस्जिद में फर्क है,
इंसान??
इंसान के अलावा बहुत कुछ है,
जिसने सब कुछ बनाया,
उसके लिए?
लड़ने का दावा करते हैं,
पर!
इसके लिए,
पता नहीं क्यों?
खुद को,
हिन्दू-मुसलमान,
कहते हैं।
rajhansraju

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