मै हूँ


सच सिर्फ इतना है
मेरे नाकाम होने का
मै जैसा हूँ,
हर बार वैसा ही होता हूँ,
मेरा रंग,
नहीं बदलता गिरगिट की तरह
छुप नहीं पाता हूँ
औरों की तरह
क्या करूँ मै
सिर्फ दिखता ही नहीं हूँ
अब तलक इंसान हूँ
rajhansraju

Comments

स्मृतियाँ

सक्षम

अग्नि-परीक्षा