चूहों की लडाई

आओ मिलके कहें कहानी, 
नहीं करेंगे हम शैतानी,
देखो चूहा घर में आया, 
हमसे कहने है कुछ आया,
अब बिल्ली की नहीं चलेगी, 
सब चूहों ने है ठानी,
दूध मलायी खाना है, 
बिल्ली को भगाना है,
कोई चूहा नहीं ड‌रेगा, 
अपना सब पर राज़ चलेगा,
चूहा अकड‌ के आया अंदर, 
जैसे हो वही सिकंदर,
अब अपना नारा होगा, 
कोई चूहा राजा होगा,
उसके पीछे दो तगड़े चूहे, 
आगे पीछे चूहे-चूहे,     
लड़ने कि तैयारी शुरू हुई, 
सेना आके खड़ी हुई,
तभी एक बूढ़ा चूहा आया, 
ज़ोर-ज़ोर वह चिल्लाया,
बिल्ली आयी..बिल्ली आयी,
दुम दबाके भागे सारे
बूढा चूहा बोला हँसके,
बिल्ली से क्या खाक लडेंगे,
     ए तो हैं पक्के चूहे.. 

"monoplay"
कोई कहता ए करो,
कोई कहता वो करो,
जल्दी-जल्दी उठ के भागो,
होम वर्क भी सारा कर लो,
अब थोड़ा सा खा लो,
और इसको भी पी लो।
आगे तुमको बढ़ना है,
Strong भी तो बनना है।
अब मुझको देखो
सोचो तब,
कित्ता बड़ा ..
हूँ ही मै,
बोझ लाद दिया ..
मुझ पर इत्ता,
अरे .. सोचो ..
कैसे उठाऊँ मै?
कितनी आफत मुझको है?
किसको बतलाऊँ मै?
सोऊँ कब???
खेलूँ कब???
बच्चा हूँ मशीन नहीं,
कैसे समझाऊँ?
मम्मी, पापा, मैम..
आप कहो तो,
थोड़ा ...
खेल के आऊँ मै। 

Comments

स्मृतियाँ

सक्षम

अग्नि-परीक्षा