Posts

Showing posts from June, 2015

पिता-पुत्र

Image
मुझमें जो गूँजता है, वह तुम्ही हो, मै अपना अक्श जब आइने में देखता हूँ, तुम्हारे जैसा ही नज़र आता है, जब तुम्हारी उँगली पकड़कर चलता था, भरोसे की ड़ोर हर तरफ होती थी, दौड़कर तुम्हारे सीने से लग जाना, खुद को हिफाज़त की सबसे सुरक्षित जगह पाना, मेरे लड़खड़ाते कदमों को थाम लेना, बाँह थामकर आसमान में उठाना, मेरा सपना है, तूँ इतना ऊपर उठे, तेरा पिता तुझे सर उठा कर देखे, हर बार गोद लेकर यही बताना। कुछ समझदार हुआ, जब तुम्हारा हाथ थामा, वह खुरदरे, कठोर थे, मैंने अपने हाथ कि तरफ देखा….. तुम्हारा देर रात आना, अच्छा नहीं लगता था, हमारे पास तो सब कुछ है, फिर तुम साथ क्यों नहीं होते? क

अंतराल

Image
पूरे बीस साल बीत गए, कोई खबर नहीं ली, पता नहीं वो लोग कैसे होंगे? सब कुछ कैसे चल रहा होगा? इच्छा तो कई बार हुई, जाऊँ मिल आऊँ, अपनी जिद थोडा‌ परे रख दूँ, थोडी‌ देर के लिए,  मै ही गलत हो जाऊँ, हर वक़्त सही होने की आदत, आखिर क्या मिला? एकदम अकेला ही तो हूँ, कोई आगे-पीछे नहीं,  न कोई कहने सुनने वाला, तभी खाना बनाने वाला,