Holi-color of life

                                                         
नए रंग कि तलाश करता रहा,
न जाने कहाँ भटकता रहा।
जिंदगी ने तो हर जगह,
खुशियों कि थैली रखी थी,
मै कुछ और ढूँढता रहा,
सब कुछ धुँधला, नज़र आने लगा।
फिर रंगों ने तरकीब निकली,
हर थैली, हर चेहरा एक जैसा कर दिया,
मुस्कान आ गयी, हाथ लग गयी,
खुशियां बेवजह आज, भर गयी।
जेब तो खाली थी कब से,
मेरे हँसते ही कुछ भर गयी।
ख़त्म हुआ नहीं कुछ भी,
पर !
इन रंगों से कुछ बात बन गयी।

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