फेसबुकिए


फेस बुक पर बईठा हैन, 
रात भर ई जागत हैन,  
काठ क घोड़ा  दउडावइं , 
दुपहर तक ई सोवत हैन.
गूगल के चक्कर में, 
घनचक्कर बन जावत हैन, 
छुप-छुप के ई कुछ ताकत हैन, 
पढ़ाई लिखाई क बहाना कईक, 
 दूसर वीडियो झाँकत हैन,
बाडी क फिजियालाजी-एनाटामी, 
सब जानत हैन, 
प्राइमरी पास होतइ,
मेडिकल साइंस बाँचत  हैन,   
पापा-मम्मी के अउतइ, 
विकीपीडिया खुलि जावत हइ.
आन लाइन फ्रैंडन से, 
दिन-रात बतियावत हैन, 
समझ आई अब हमके,
उल्लू की नाहीं काहे?  
दिन-रात ई जागत हैन,   
अकल क बत्ती गुल कईक,
सब आँखन से ताकत हैन, 
समझ न आवइ तबउ, 
सब शेयर कर जावत हैन,
इहाँ क फोटो उहाँ लगाई, 
दुसरे जगह से लेंइ चोराइ, 
आपन वाल, 
अइसइ रंगीन बनावत हैन.
फर्जी नाम पता से,
 लडिका, लड़की बनि जावत है. 
कुछ फद्दी गन्दी फोटो पर,
सबक ध्यान जावत है. 
पता चला ई वाली साईट, 
काउनउ कंपनी चलावत  है, 
अइसइ पढ़ा-लिखा लोग,    
लाइक-शेयर के चक्कर में, 
नादानी कर जावत हैन, 
एक  छोटी सी क्लिक कइक, 
लोगन क घर छुड़वत हैन,
हर-तरफ कइसन अफरा-तफरी, 
मच जावत है, 
जान बचावइ खातिर,
 इहाँ-उहाँ सब भागत हैन,
हम तोहरे संग हई, 
अब ई वाला क्लिक दबावत हैन,
सारी रात उल्लू जइसन, 
बिना अकल, ई जागत हैन,
फेस बुक पर बइठा हई हम, 
लाइक  क्लिक ...              
                           

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