accident

सड़क किनारे कहीं,    
जब भीड़ होती है. 
डर लगता है, 
खौफ होता है.
सहम हुए कदम लिए, 
आगे बढ़ता हूँ.
कोई अपना न हो, 
दुआ करता हूँ. 
दूर से देख के लौट आता हूँ,
अपना नहीं जानके, 
सकून पाता हूँ.
अपनी राह, 
चुपचाप चल देता हूँ.
एक दिन, 
मैं ऐसे ही पड़ा था.
भीड़ थी, 
कोई अपना नहीं था.

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