india - an idea


कैसे होगी मेरी पहचान,
बिना सम्मान के ,
एक भाव मेरे होने का,
एक राग मेरे जीवन का,
जो ताल है जीने का। 
मेरे साथ, 
मेरी आह में जो रहता है ,
भारत नाम है उसका,
जो मेरी सांस में बसता है। 
हर रंग भर जाता है, 
खुश हो जाता हूँ ,
यह दिल, 
इसकी गोद में सकून पाता है,
जब भी नाम लबों पर आता है ,
धड़कन तेज हो जाती है .
यह जमीन, 
हमारा जीवन है ,
इसे हरदम हरा रखना है ,
हर कोने को खुशियों से भरना है .
इसकी हरियाली, 
हर घर तक जाए ,
नदिया सबकी प्यास बुझाए .
कुछ इस तरह आज, गलें मिलें 
जब हम चले,
 पहाड़, नदिया, रेत, समंदर,
सबको अपना कहे। 
उड़ने को पूरा आकाश हो ,
सारे रंग एक हो जाए ,
भारत सिर्फ नाम नहीं ,
 पहचान है ,
हम एक रंग में,
 रंग जाएँ, 
सबमे भारत भाव,
 भर जाए .....

Comments

स्मृतियाँ

सक्षम

अग्नि-परीक्षा