Thursday, 5 April 2012

मोटापा


कहीं वेट जब बढ़ जाए, 
खाना देख रहा न जाए, 
समझो मोटापा दूर न जाए. 
चाट-पकौड़ी मन को भाए,
आइसक्रीम छूट न पाए, 
मोटापा रोज़ बढ़ता जाए,  
एक दिन सोचा ! भूखा रह ले, 
खाना कुछ कम खा लें,
क्या खा कर वेट घटाएँ ? 
सोचें ए कुछ कर न पाएं, 
खाना देख सबर न आए,
दुगनी ताकत से फिर खाएं, 
वेट ऐसे ही बढ़ता जाए, 
सिवा पेट कुछ नज़र न आए.